सुप्रीम कोर्ट ने कहा, न्यायशास्त्र का उद्देश्य चरित्र में सुधार व पीड़ित की देखभाल करना
शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में भुगती गई जेल की अवधि को सजा की अवधि के रूप में माना जाएगा। बशर्ते मुआवजे कि राशि अगले साल फरवरी के अंत में या उससे पहले निचली अदालत में जमा कर दी जाए।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/3yAT68C
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